औरंगाबाद/ Dinanath Mouar लोकसभा चुनाव का समय जैसे- जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे- वैसे बिहार सरकार की विकास की पोल खुलने लगे हैं, हलाकि सूबे के मुखिया नीतीश कुमार को उनके कार्यकर्ता इंडिया पार्टी के पीएम पद का दावेदार बता रहे हैं. वही जनता उन्हें बिहार में हुई विकास की आईना दिखा रही है.

औरंगाबाद जिला के बारुण प्रखंड के खैरा पंचायत के खैरा गांव की तस्वीर देखिये जहां आज भी लोग नारकीय जिंदगी जीने पर मजबूर है. यह तस्वीर खैरा के महादलित टोला की है. जहां थोड़ी सी भी बारिश लोगो को घर मे दुबके रहने पर मजबूर कर देती है, क्योंकि बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह से बाधित हो गई है, जिसके कारण भारी मात्रा में जल जमाव हो जाता है. जिसमे चल कर आज भी बच्चे स्कूल जाने पर मजबूर है.
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के नाली का निकास एक आम तालाब में होता था, लेकिन कुछ खास ग्रामीणों द्वारा उसे अतिक्रमण कर लिया गया है, जिसके कारण आज पानी का बहाव पूरी तरह से बाधित हो गया है. जिसको लेकर हम सबो ने अंचल से लेकर जिला तक कई बार आवेदन दिया लेकिन आज तक इस पर कोई सुनवाई नही हो सकी. ग्रामीणों ने बिहार सरकार को लूट खसोट की सरकार बताया है.
ग्रामीणों ने बताया कि आज बिहार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर कर चुका है. पूरी तरह से अधिकारियों का वर्चस्व है. केवल कागज के पन्नो पर ही बिहार का विकास हो रहा है, जबकि धरातल पर कुछ भी देखने को नही मिलेगा.
देखें video और सुनें क्या कहा ग्रामीणों ने

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