आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai नगर निगम क्षेत्र में एक बार फिर सड़कों पर अतिक्रमण का खेल शुरू हो गया है. बीते 29 दिसंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एनआईटी जमशेदपुर आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया था. इस दौरान आकाशवाणी चौक से लेकर एनआईटी गेट तक सड़क किनारे फैले दुकानों और ठेलों को हटाकर क्षेत्र को अस्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त किया गया था.

राष्ट्रपति के कार्यक्रम के समाप्त होते ही हालात दोबारा पहले जैसे हो गए हैं. आरआईटी थाना के सामने स्थित जागृति मैदान क्षेत्र, जिसे वीआईपी दौरे के दौरान पूरी तरह खाली कराया गया था, वहां फिर से सड़क किनारे मीट और मुर्गा की दुकानें लगने लगी हैं.
नियमानुसार सार्वजनिक सड़कों और मुख्य मार्गों के किनारे मीट- मुर्गा की दुकानें लगाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है और क्षेत्र में गंदगी व असुरक्षा की स्थिति भी बन रही है. इस पूरे मामले में नगर निगम और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति के आगमन के दौरान अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन उसके बाद दोबारा अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है. वहीं, सड़क किनारे फिर से दुकानें लगने के बावजूद पुलिस और नगर निगम की निष्क्रियता लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
*दुकान लगाने को लेकर मारपीट, इलाके में फैली अफरा- तफरी*
अतिक्रमण के कारण विवाद की स्थिति भी सामने आई है. आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आकाशवाणी चौक पर दुकान लगाने को लेकर अतिक्रमणकारियों के बीच मारपीट की घटना हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस मारपीट में एक व्यक्ति का सिर फूट गया, जिससे इलाके में अफरा- तफरी मच गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाने की स्थायी कार्रवाई होती, तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल वीआईपी कार्यक्रमों तक सीमित न रखी जाए, बल्कि नियमित और स्थायी अभियान चलाया जाए. लोगों का कहना है कि सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखना नगर निगम और पुलिस दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.

