आदित्यपुर: थाना प्रभारी के आवेदन पर सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा झामुमो नेता सन्नी सिंह उर्फ ओंकार सिंह को BNS की धारा 126 के तहत नोटिस जारी किए जाने के बाद अब थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि होली के दौरान संभावित अशांति की आशंका जताते हुए यह नोटिस जारी कराया गया. हालांकि स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पिछले पांच वर्षों में सन्नी सिंह के खिलाफ किसी भी थाने में कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है. इसके बावजूद बार- बार नोटिस की कार्रवाई को कई लोग थाना प्रभारी की नकारात्मक सोच से जोड़कर देख रहे हैं.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं का कहना है कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति को बार- बार नोटिस भेजना उसे संदिग्ध के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश है. पार्टी का आरोप है कि यह कदम होली जैसे पर्व के पहले अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
सन्नी सिंह ने भी कहा कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है और न ही वे संबंधित शिकायतकर्ता को जानते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी की ओर से पूर्वाग्रहपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है. उनका कहना है कि चंदन सिंह हत्याकांड मामले में जमानत मिलने के बाद वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं और मामला झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन है.
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इससे पहले राष्ट्रपति के आगमन के दौरान भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी. ऐसे में थाना प्रभारी की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं. झामुमो जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र महतो ने इसे दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई करार देते हुए कहा कि यदि इस तरह की नकारात्मक प्रशासनिक रवैया जारी रहा तो पार्टी आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगी. फिलहाल मामला अनुमंडल न्यायालय में विचाराधीन है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाता है.

