आदित्यपुर Report By Parmeshwar Gorai नगर निगम चुनाव को लेकर जैसे-जैसे राजनीतिक हलचल तेज हो रही है, संभावित प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं. इसी कड़ी में आदित्यपुर नगर निगम वार्ड 17 की पूर्व पार्षद नीतू शर्मा ने एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने के संकेत दिए हैं.

नीतू शर्मा ने कहा कि पिछली बार जनता ने जो आशीर्वाद दिया था, उसके अनुरूप उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार वार्ड के विकास और जनसेवा का हर संभव प्रयास किया. उन्होंने दावा किया कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की ईमानदार कोशिश की गई है. नीतू शर्मा ने कहा कि यदि जनता एक बार फिर अवसर देती है तो वह सेवा का कोई मौका नहीं गंवाएंगी. उन्होंने वार्ड 17 से पुनः दावेदारी पेश करने की बात कही है.
इस बीच नगर निगम की राजनीति उस समय और गरमा गई, जब वार्ड 32 से नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह के छोटे भाई की पत्नी अस्मिता कुमारी ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी. इस घटनाक्रम के बाद आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
हालांकि अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नगर निकाय चुनाव को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है. झारखंड हाईकोर्ट नगर निकाय चुनाव को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है और जल्द चुनाव कराने का निर्देश दे चुका है. इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित है. पिछली सुनवाई 24 नवंबर को हुई थी, जिसमें राज्य निर्वाचन आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए आठ सप्ताह का समय मांगा था.
जानकारी के अनुसार, आयोग ने 45 दिनों के भीतर चुनाव अधिसूचना जारी करने से संबंधित विवरण हाईकोर्ट को बंद लिफाफे में सौंपा है. नगर निगम और नगर निकाय चुनाव लंबे समय से लंबित रहने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित सूची, जनसंख्या के आंकड़े और अन्य आवश्यक दस्तावेज राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध करा दिए गए हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग ने भी स्वीकार किया है कि सरकार की ओर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं. हालांकि मेयर पद के आरक्षण को लेकर दायर याचिका की सुनवाई अभी शेष है, जिस पर अंतिम निर्णय के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है.

