आदित्यपुर: नगर निगम वार्ड 17 में निर्माणधीन सनराईज पॉइंट सोसायटी में हो रहे धांधली और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के चक्कर में जिला के उपायुक्त और विभागीय मंत्री के दामन दागदार होने का खतरा बढ़ गया है. सूत्रों की माने तो इस प्रकरण की शिकायत झारखंड एसीबी और सीआईडी से करने की तैयारी चल रही है.

दरअसल इस पूरे मामले में सरकारी नियमों की जमकर अवहेलना की गई है. बावजूद इसके नगर निगम ने सारे नियमों को ताक पर रखकर डेवलपर को एनओसी दिया है. इसमें डीसी एलआर कोर्ट में भी फर्जीवाड़ा हुआ है जिसकी जांच डीसी कोर्ट में पिछले करीब एक साल से लंबित है जो तारीख पर तारीख के चक्कर में उलझा हुआ है. इसमें तमाम सरकारी नियमों की अनदेखी के साथ अनाबाद बिहार सरकार के जमीन का अवैध अतिक्रमण भी हुआ है. नगर निगम प्रशासन की अनदेखी, डीसी कोर्ट में तारीखों का उलझन और विभगीय मंत्री की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रहा है. तत्कालीन उपायुक्त से लेकर वर्तमान उपायुक्त जो एक आईएसएस अधिकारी हैं सब जानकर भी अनजान बने हैं यह एक गंभीर मसला है. वैसे झारखंड के लिए यह कोई नई बात नहीं है जहां सत्ता के काले करतूतों को बचाने के चक्कर में आईएएस अधिकारी अपनी कुर्बानी देते रहे हैं. इस मामले में भी ऐसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है. वैसे नगर निगम और डीसी एलआर कोर्ट द्वारा यह कहकर गुमराह करना कि कुछ मिडिया कर्मी नेक्सस चला रहे हैं उनके लिए हम साफ करना चाहेंगे कि हमारा काम आईना दिखाना है अब आप अपनी छवि को कैसा देख रहे हैं यह आपकी गलती है. देर से दिया गया इंसाफ भी अपराध की श्रेणी में आता है. इसको ध्यान रखना जरूरी है.

