आदित्यपुर: नगर निगम क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 17 की पूर्व पार्षद नीतू शर्मा ने जयप्रकाश उद्यान की सड़क निर्माण में हो रही देरी और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ आगामी 1 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है. उनके इस फैसले ने नगर निगम की राजनीति में भूचाल ला दिया है.

पूर्व पार्षद नीतू शर्मा ने कहा कि जयप्रकाश उद्यान की सड़क स्थानीय लोगों के आवागमन का एकमात्र साधन है, लेकिन नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह वर्षों से अधर में लटकी हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो वह अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगी.
उनके इस ऐलान के बाद कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने खुलकर समर्थन जताया है. जनकल्याण मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओम प्रकाश ने कहा कि नगर निगम ने राजनीतिक दबाव में आकर इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद से गलत तरीके से शिलान्यास करवा कर इसे जानबूझकर रोक दिया गया है.
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कालीपद सोरेन ने भी नगर निगम प्रशासन पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि “जब वन विभाग की शर्तों की मियाद समाप्त हो चुकी थी, तब किस आधार पर सांसद से शिलान्यास करवाया गया और टेंडर निकाला गया. यह पूरी प्रक्रिया कागजी खानापूर्ति जैसी लगती है.” उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, साथ ही नीतू शर्मा से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील भी की.
वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेश धारी ने इस पूरे प्रकरण के पीछे राजनीति का खेल बताया. उन्होंने नगर निगम पर सांसद जोबा मांझी के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है. कुछ मौकापरस्त लोगो ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए इतने महत्वपूर्ण सड़क के मामले में अड़ंगा लगाकर मामले को ठंडे बस्ते में डलवाया है. उन्हें जनता पहचान चुकी है. वैसे श्रीमती शर्मा से उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूर्व पार्षद के हर फैसले का वे समर्थन करेंगे.
उधर, राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष बैजू यादव ने नीतू शर्मा के कदम का खुला समर्थन किया. उन्होंने उपायुक्त से जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि “वन विभाग से एनओसी मिलने के बावजूद नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से टेंडर जारी किया गया, जो जांच का विषय है.” बैजू यादव ने कहा कि “राजद परिवार पूर्व पार्षद नीतू शर्मा के संघर्ष में पूरी तरह उनके साथ खड़ा है.”
लोजपा (आर) के प्रदेश सचिव मनोज पासवान ने भी नीतू शर्मा के पहल की सराहना की और कहा कि उनके इस साहसिक फैसले को उनका नैतिक समर्थन रहेगा. जनहित से जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उक्त सड़क को लेकर पूर्व पार्षद एवं स्थानीय लोगों ने लंबा संघर्ष किया है.
फिलहाल, जयप्रकाश उद्यान की यह सड़क न सिर्फ विकास का मुद्दा बन गई है, बल्कि नगर निगम क्षेत्र में आगामी दिनों की राजनीति का केंद्र बिंदु भी बनने जा रही है.

