आदित्यपुर: नगर निगम वार्ड 29 में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है. यहां का मुकाबला युवा जोश और रबर स्टाम्प की परंपरा के बीच चल रहा है, जिसमें दिवंगत पार्षद राजमणि देवी की पुत्रवधु अर्चना कुमारी फिलहाल सबसे आगे नजर आ रही हैं.

अर्चना कुमारी का सामना नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष रीता श्रीवास्तव से है, जिन्होंने अपने पति विनोद कुमार श्रीवास्तव के राजनीतिक रसूख से नगर परिषद के पहले अध्यक्ष के रुप में पांच साल राज किया मगर रबर स्टाम्प के रूप में. उनका कोई भी निर्णय खुद का नहीं होता था. उसके बाद दस साल रीता श्रीवास्तव लाल कोठी में कैद रही. शायद ही जनता ने उन्हें किसी सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा हो. उनके पति नगर परिषद के उपाध्यक्ष और मेयर बने. भाजपा कैडर होने के बावजूद मेयर की योजना और आरआईटी मंडल भाजपा के अध्यक्ष अपने पुत्र को बनाने की गलती के कारण वार्ड का रुख अर्चना की ओर झुकता नजर आ रहा है.
दिवंगत राजमणि देवी के कार्यकाल और उनके आकस्मिक निधन के बाद अर्चना कुमारी को जनता का सहानुभूति और विश्वास प्राप्त है. उनका परिवार लगातार वार्डवासियों की सेवा में लगा हुआ है, जबकि अर्चना स्वयं भी शिक्षित, सौम्य और मृदुभाषी हैं. वे वार्ड के सभी छोटे- बड़े आयोजनों में शामिल रही हैं और जनता के सुख- दुःख में अपनी उपस्थिति देती रही हैं. अर्चना ने अपने परिवार के साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहकर यह संदेश दिया है कि वह व्यक्तिगत लाभ के बजाय जनता की भलाई के लिए कार्य करती हैं. इस बार चुनाव में उनका अनुभव, ईमानदारी और जनता के प्रति समर्पण उनके पक्ष में निर्णायक भूमिका निभा रहा है.
स्थानीय मतदाता भी इस बार उम्मीदवारों का मूल्यांकन योग्यता और कार्यों के आधार पर कर रहे हैं. जमीनी रिपोर्टों के अनुसार अर्चना कुमारी को वार्ड 29 में सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है, और उनका भरोसा जनता के बीच लगातार बढ़ रहा है. चुनाव का परिणाम चाहे जो भी हो, यह साफ है कि इस वार्ड की जनता ने अपने फैसले में सोच- समझकर और जिम्मेदारी के साथ मतदान करने का मन बनाया है.

