आदित्यपुर: नगर निगम क्षेत्र में महापौर पद के लिए रोस्टर की स्थिति स्पष्ट होते ही मेयर पद का सपना देख रहे नेताओं में निराशा का माहौल नजर आने लगा है. बड़ी संख्या में नेता इस उम्मीद में थे कि इस बार वे मेयर पद के लिए अपनी किस्मत आजमाएंगे, लेकिन रोस्टर जारी होते ही राजनीतिक रणनीति बदलती दिख रही है.

मेयर की दौड़ से बाहर हुए कई नेता अब प्लान-बी पर काम करने लगे हैं, जिसमें उप महापौर पद पर पकड़ बनाने की कोशिश तेज हो गई है. डिप्टी मेयर बनने के लिए वार्ड पार्षद का चुनाव जीतना अनिवार्य है, ऐसे में नेताओं के बीच समीकरण साधने और बिगाड़ने की राजनीति शुरू हो चुकी है.
इसी सियासी हलचल के केंद्र में आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह नजर आ रहे हैं. उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि इस बार वे महापौर पद का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन रोस्टर आरक्षण के कारण यह संभावना पूरी नहीं हो सकी. इसके बाद पुरेंद्र नारायण सिंह ने रणनीति बदलते हुए आगामी निकाय चुनाव में पार्षद पद के जरिए उप महापौर की राह पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी है.
पुरेंद्र नारायण सिंह पहले ही अपने वार्ड संख्या 32 से छोटे भाई की पत्नी यश्मिता कुमारी को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर चुके हैं. इसके साथ ही उनकी नजर अब नगर निगम के सभी 35 वार्डों पर है. उनकी टीम की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और समर्थित उम्मीदवारों को लेकर राजनीतिक संकेत भी स्पष्ट होने लगे हैं.
शनिवार को उन्होंने साफ किया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी 35 वार्डों में उनकी टीम द्वारा समर्थित उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 26 में संदीप साहू या उनके द्वारा घोषित प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा. वहीं वार्ड संख्या 29 में स्वर्गीय राजमणि देवी के परिजनों को समर्थन देने की घोषणा की गई है. इसके अलावा वार्ड संख्या 5 में निवर्तमान पार्षद सिद्धनाथ सिंह के परिजनों को समर्थन देने की बात कही गई है.
पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि इस बार निकाय चुनाव पार्टी आधारित नहीं हैं, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल के नाम पर उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाएंगे. सभी प्रत्याशी जनता से जुड़े मुद्दों और क्षेत्र के विकास को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ेंगे.
उन्होंने उप महापौर पद के लिए प्रत्यक्ष चुनाव की मांग को एक बार फिर दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि उप महापौर पद पर जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके. हालांकि पुरेंद्र नारायण सिंह ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे स्वयं किस वार्ड से चुनाव लड़ेंगे और इसका खुलासा खरमास के बाद किए जाने की बात कही है.
कुल मिलाकर, चुनावी बिगुल औपचारिक रूप से बजने से पहले ही आदित्यपुर नगर निगम की सियासत में कड़ाके की ठंड के बीच राजनीतिक गर्माहट साफ महसूस की जा रही है.

