आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव के तहत वार्ड 30 का चुनाव इस बार बेहद रोचक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. मैदान में कुल छह प्रत्याशी हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला पूर्व पार्षद प्रतिनिधि सुधीर चौधरी और आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह के बीच सिमटता नजर आ रहा है.

वार्ड से अभय झा, नीलेश झा, महेंद्र यादव और सतीश शर्मा भी चुनाव लड़ रहे हैं, हालांकि फिलहाल जनचर्चा में सीधा मुकाबला दो प्रमुख चेहरों के बीच माना जा रहा है. जातीय समीकरण इस वार्ड में अहम भूमिका निभा रहे हैं. सुधीर चौधरी और सतीश शर्मा दोनों भूमिहार समाज से आते हैं, जिससे इस वर्ग के वोटों में बंटवारे की संभावना बन रही है.
सतीश शर्मा भाजपा नेता माने जाते हैं और निवर्तमान मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव खेमे से जुड़े हैं. लेकिन पार्टी कैडरों के बीच इस बार मेयर और उनके समर्थित उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी की चर्चा भी सामने आ रही है, जिसका असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है.
सुधीर चौधरी को निवर्तमान व्यवस्था से जुड़ाव के कारण हल्का एंटी-इंकम्बेंसी फैक्टर का सामना करना पड़ सकता है. इसके बावजूद उनका संगठनात्मक आधार मजबूत माना जा रहा है.
वहीं पूर्व उपाध्यक्ष पुरेन्द्र नारायण सिंह इस चुनाव में संतुलित और शिक्षित छवि के उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आए हैं. वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी थी, जिसकी चर्चा आज भी मतदाताओं के बीच होती है. वार्ड 30 में शिक्षित और जागरूक मतदाताओं की संख्या अधिक मानी जाती है, जिससे पुरेन्द्र को इस वर्ग का समर्थन मिलने की संभावना प्रबल दिख रही है.
अभय झा, नीलेश झा और महेंद्र यादव को लेकर फिलहाल मतदाताओं के बीच स्पष्ट रुझान नजर नहीं आ रहा है. वे प्रचार में सक्रिय जरूर हैं, लेकिन मुख्य रेस से थोड़ा पीछे माने जा रहे हैं. वार्ड में करीब डेढ़ सौ कायस्थ मतदाता निर्णायक भूमिका में माने जा रहे हैं. सभी प्रत्याशी इस वर्ग को साधने में जुटे हैं. हालांकि पारंपरिक रूप से कायस्थ समाज को भाजपा का कोर वोटर माना जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्षद चुनाव को लेकर उनका झुकाव पुरेन्द्र नारायण सिंह या सुधीर चौधरी की ओर जाता दिख रहा है.
कुल मिलाकर वर्तमान परिस्थितियों और जनचर्चा के आधार पर वार्ड 30 में पुरेन्द्र नारायण सिंह हल्की बढ़त बनाते नजर आ रहे हैं. हालांकि अंतिम फैसला मतपेटी से ही तय होगा, लेकिन चुनावी हवा फिलहाल उनके पक्ष में बहती दिख रही है.

