आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 30 में नाली ढंकने के कार्य में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. जागृति मैदान के समीप एमआईजी फ्लैट के पास मुख्य सड़क किनारे गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नाली पर पुराने और जर्जर स्लैब लगाए जाने का खुलासा हुआ.

स्थानीय लोगों के अनुसार, संवेदक द्वारा नगर निगम के विभिन्न वार्डों में वर्षों से पड़े पुराने स्लैब को टेम्पो के माध्यम से उठाकर निर्माण स्थल पर लाया जा रहा था. इतना ही नहीं, इन स्लैब पर प्लास्टर कर उन्हें नया दिखाने का प्रयास भी किया जा रहा था. मामले का भंडाफोड़ उस समय हुआ, जब वार्ड संख्या 31 में पड़े पुराने स्लैब को ले जाते हुए स्थानीय लोगों ने देख लिया. बताया जा रहा है कि यह कार्य नगर निगम के जेई सुभाष यादव के निर्देश पर कराया जा रहा था. मामले की जानकारी जैसे ही जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को दी गई, उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्य को तत्काल बंद करने का आदेश दिया.
योजना में हेरफेर का शक
वार्ड के पूर्व पार्षद सुधीर चौधरी ने बताया कि नाली ढंकने का कार्य पूर्व में किसी ठेका कंपनी को स्वीकृत किया गया था, ऐसे में पुराने स्लैब का उपयोग किया जाना समझ से परे है. जानकारों का मानना है कि योजना में हेरफेर की नीयत से यह कार्य कराया जा रहा था.
जांच के आदेश, निगम में मचा हड़कंप
उपायुक्त के निर्देश पर आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक रवि प्रकाश ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है. जांच के दायरे में जेई सुभाष यादव की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है. जांच के आदेश मिलते ही मौके पर कार्यरत सभी ठेकाकर्मी काम छोड़कर फरार हो गए.
कोई वर्क ऑर्डर नहीं : प्रशासक
नगर निगम प्रशासक रवि प्रकाश ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस कार्य के लिए कोई वैध वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है. पुराने और जर्जर स्लैब की मरम्मत कर नाली ढंकने के प्रयास की गंभीरता से जांच की जा रही है. मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है.

