आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai नगर निगम क्षेत्र में पिछले कई महीनों से जिंदल कंपनी, सापुड़ जी पालोन जी और GAIL इंडिया लिमिटेड द्वारा जलापूर्ति, सीवेज और गैस पाइपलाइन बिछाने के क्रम में तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत अब तक पूर्ण रूप से नहीं की जा सकी है. इसके कारण नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है.

जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को बहाल करने का कार्य कई स्थानों पर अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे आम लोगों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई इलाकों में सड़कें बंद हैं, गड्ढों और धूल- मिट्टी की वजह से राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
इस मामले में सामाजिक संगठन “जन कल्याण मोर्चा” के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने आदित्यपुर नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (W.P. (P.I.L) No. 3629/2023) दायर की थी.
सुनवाई के दौरान 11 अगस्त 2025 को आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने अदालत को बताया था कि सड़कों के रेस्टोरेशन का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है. इसके बाद न्यायालय ने डीएलएसए सेक्रेटरी, सरायकेला सिविल कोर्ट को एक माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.
डीएलएसए सेक्रेटरी ने निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए उच्च न्यायालय को बताया कि नगर निगम क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कों की मरम्मत कार्य अभी भी अधूरा है. इस रिपोर्ट के आधार पर माननीय न्यायालय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे शपथपत्र के साथ अपना जवाब दाखिल करें.
अगली सुनवाई 13 नवंबर 2025 को
रविवार को जन कल्याण मोर्चा की टीम ने स्थल निरीक्षण किया और पाया कि अब भी कई प्रमुख मार्गों का रेस्टोरेशन अधूरा है. इनमें मुख्य रूप से आदित्यपुर टोल ब्रिज के पास सर्विस लेन, इंडस्ट्रियल एरिया के JMT और रामकृष्णा फोर्जिंग कंपनी रोड, आदित्यपुर दो के रोड नंबर 2 से रोड नंबर 8 तक शामिल हैं.
अधिवक्ता ओम प्रकाश ने कहा कि नगर निगम और ठेकेदार कंपनियों की उदासीनता से आम जनता परेशान है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यायालय के आदेश के बाद भी संतोषजनक कार्य नहीं हुआ, तो जन कल्याण मोर्चा अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से सभी तथ्य उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा.

