आदित्यपुर: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के मुट्ठीभर नेताओं की वजह से पार्टी और संगठन की किरकिरी होने लगी है. हाल के दिनों में पार्टी के चंद नेता अपनी दुकानदारी चलाने के चक्कर में पार्टी के नीति- सिद्धांतों से भटककर आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं जिससे न केवल उद्यमियों बल्कि प्रशासनिक पदाधिकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

ताज़ा मामला हथियाडीह इंडस्ट्रियल पार्क स्थित सोनी ऑटो एंड एलाइड इंडस्ट्रियल लिमिटेड यूनिट- 3 का है. जहां पिछले दिनों ठेका श्रमिक सर्वेश्वर महतो की मौत मामले में जिस तरह से जेएलकेएम के कुछ नेताओं ने आंदोलन खड़ा किया उससे पार्टी की साख पर जबरदस्त बट्टा लगा है. हालांकि पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव और जुगसलाई विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे विनोद स्वासी के सूझबूझ से मामला सलट गया और मृतक की पत्नी को सहानुभूति के रूप में एक लाख मुआवजा और सरकारी प्रावधान के तहत अकुशल कामगार श्रेणी में स्थाई नौकरी कंपनी पैरोल पर देने पर प्रबंधन राजी हुआ उसके बाद मृत कामगार के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया.
क्या है पूरा मामला
दरअसल बीते मंगलवार को ठेका श्रमिक सर्वेश्वर महतो (40) की कंपनी में काम के दौरान तबीयत खराब हो गई थी. कंपनी के एचआर प्रमुख संजीव बनर्जी ने बताया कि उन्हें उनके घर पहुंच कर दिया गया था जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई. उसके बाद जेएलकेएम के नेताओं ने मजदूर के शव के साथ कंपनी के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. वे प्रबंधन से 15 लाख रुपए मुआवजा और आश्रित को नौकरी देने की मांग कर रहे थे, जिसे प्रबंधन ने मानने से इनकार कर दिया. अंततः पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा. शनिवार पूरी रात मृत मजदूर का शव कंपनी के बाहर पड़ा रहा. इस दौरान कई दौर की वार्ता हुई जिसे प्रबंधन ने मानने से हर बार इनकार किया. आंदोलन की शुरुआत ईचागढ़ विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रहे जेएलकेएम नेता तरुण महतो एवं सरायकेला- खरसावां जिला अध्यक्ष दीपक महतो की मौजूदगी में शुरू हुई, मगर पार्टी के स्थानीय कमेटी के अधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद नहीं रहे जो कई सवालों को जन्म दे रहा है. इस बीच रविवार को पुनः त्रिस्तरीय वार्ता हुई जिसमें कंपनी प्रबंधन, जेएलकेएम जिलाध्यक्ष दीपक महतो, गम्हरिया अंचल अधिकारी कुमार अरविंद बेदिया, सरायकेला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैया, आदित्यपुर, आरआईटी, गम्हरिया एवं कांड्रा के थाना प्रभारी दलबल के साथ मौजूद रहे. करीब 5 घंटे चले वार्ता के दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण हुई. अंतत: पुलिस ने जिलाध्यक्ष दीपक महतो, मिडिया प्रभारी प्रकाश महतो, वरुण महतो एवं एक अन्य कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया उसके बाद स्थिति बिगड़ता देख पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव विनोद स्वासी ने मोर्चा संभाला और प्रबंधन द्वारा मृतक के आश्रित को एक लाख रुपए मुआवजा एवं पत्नी को कंपनी पैरोल पर स्थाई नौकरी देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. तब जाकर मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. कंपनी प्रबंधन का कहना है कि जब मजदूर की मौत काम के दौरान नहीं हुई उस स्थिति में भारी भरकम मुआवजा देने का कोई औचित्य नहीं है. प्रबंधन मजदूर के परिवार के साथ खड़ा है. मानवता के नाते मृतक की पत्नी को कंपनी पैरोल पर नौकरी दिया जा रहा है इससे ज्यादा और कुछ नहीं दिया जा सकता.
जेएलकेएम के कई बड़े नेता हुए भूमिगत
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जो चौंकाने वाला पहलू सामने आया वह था जेएलकेएमके बड़े नेताओं की अनुपस्थिति. दरअसल आदित्यपुर क्षेत्र में हाल के दिनों में जेएलकेएम के चंद नेता अपनी राजनीतिक दुकान चलाने का काम कर रहे हैं, जिससे आदित्यपुर के उद्यमियों एवं उद्यमी संगठनों में घोर नाराजगी देखी जा रही है. इस प्रकरण में पार्टी के बड़े नेता भूमिगत रहे. सूत्रों की माने तो जिला अध्यक्ष दीपक महतो द्वारा इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा लिखी गई थी जिससे पार्टी के बड़े नेताओं को दूर रखा गया. बताया जा रहा है कि जेएमएलके के नेता आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के मामले में भीड़ जुटा कर उद्यमियों का भयादोहन कर रहे हैं जिससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है. पार्टी आलाकमान यदि समय रहते इसपर गंभीर नहीं होती है तो आने वाले दिनों में इसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ सकता है.

