आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai उद्यमी संगठन इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) की कार्यसमिति की मासिक बैठक गुरुवार को होटल मधुबन में आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत बाबा गणेश और भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर हुई. बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष रूपेश कतरियार ने की.

बैठक में वरिष्ठ उद्यमी एवं प्रदेश संयोजक एच.आर. जैन, उपाध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव संदीप मिश्रा, कोषाध्यक्ष उत्तम चौधरी, अशोक सिंह, अशोक सत्पथी, समीर सिंह, विकास गर्ग, विनय सिंह, अमलेश झा, इंद्रजीत सोखी, राजीव शुक्ला, पंकज झा, सौरभ चौधरी, कुमार विवेक, राजेंद्र मोदी, राजेश्वर जायसवाल, शशि सिन्हा, गौतम महापात्रा, सौरभ दास, बृजेश सिंह, नीरज मिश्रा, राजेश गर्ग, तरुण अदक सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे. बैठक में तीन माह से लंबित बैठकों पर खेद व्यक्त किया गया तथा पूर्व बैठकों के निर्णय और गतिविधियों की समीक्षा की गई.
आंतरिक सड़कों की जर्जर स्थिति पर कड़ा विरोध
उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में आंतरिक सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिसके कारण दैनिक दुर्घटनाएं, बड़ा व्यवसायिक नुकसान और लॉजिस्टिक्स में देरी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं. उद्यमियों ने नगर निगम, जिला प्रशासन और जियाडा के सक्षम पदाधिकारियों पर गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया. कहा गया कि इससे उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है. बैठक में निर्णय लिया गया कि इसरो का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही संबंधित विभागों से मुलाकात कर सड़कों की त्वरित मरम्मत की मांग करेगा.
बैठक में उठे अन्य प्रमुख मुद्दे
9 दिसंबर को संगठन की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय.
इसरो द्वारा दो साल में विभिन्न सरकारी विभागों, उद्योग विभाग और MSME तक प्रभावी पहुंच बनाने पर गर्व व्यक्त किया गया.
महासचिव संदीप मिश्रा ने संगठन की गतिविधियों, केंद्रीय मंत्री से मुलाकात, कार्यशालाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी.
सदस्य संख्या 400 पार होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई.
उद्यमियों ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता में औद्योगिक विकास नहीं दिख रहा है.
Forum India की जमीन आवंटन में जियाडा द्वारा न पैसा लौटाने और न ही भूमि देने की शिकायत पर इसरो का प्रतिनिधिमंडल रांची जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेगा.
Single Window बैठक नहीं होने से उद्योग संबंधी निर्णय अटके होने पर चिंता जताई गई.
सब्सिडी स्कीम के पैसे दो साल से उद्यमियों को नहीं मिल रहे, इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की गई.
बिजली बिल मुद्दे पर JSEB के कार्यपालक अभियंता द्वारा प्राथमिकी की धमकी पर असंतोष जताया गया.
कांड्रा टोलबूथ के पहले बंद किए गए U-Turn को पुनः शुरू कराने की मांग उठी.
EMC में प्लॉट लेने वाले उद्यमियों को दी जा रही धमकियों का मामला उठाया गया.
SIDBI और बैंकों के रवैये पर उद्यमियों ने नाराजगी जताई.
आगे की कार्ययोजना
अध्यक्ष रूपेश कतरियार ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए इसरो एक टीम के साथ संबंधित विभागों से मुलाकात करेगा. दिसंबर माह की कार्यसमिति बैठक को आउटडोर मोड में अयोध्या हिल में आयोजित करने पर सहमति बनी. मकर संक्रांति के दौरान फैमिली पिकनिक आयोजन पर भी चर्चा हुई. MSME विभाग द्वारा Common Facility Centre (CFC) के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ लेने पर जोर दिया गया. इसके लिए एसपीवी बनाकर जमीन लेने और परियोजना शुरू करने की सलाह दी गई. प्रदेश संयोजक एच.आर. जैन ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए. बैठक का धन्यवाद ज्ञापन युवा उद्यमी विवेक कुमार ने किया.

