आदित्यपुर/ Bipin Varshney इंडस्ट्रियल एरिया फेज-4 स्थित सिद्धार्थ फोर्ज कंपनी में कार्यरत 38 वर्षीय प्रेमचंद गोप की रहस्यमयी मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. घटना के विरोध में मृतक के परिजनों और झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने कंपनी गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. प्रदर्शनकारियों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.


परिजनों का आरोप है कि हादसा सोमवार शाम करीब चार बजे हुआ था, लेकिन उन्हें घटना के लगभग बाईस घंटे बाद सूचना दी गई. इससे कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. परिजनों ने कहा कि इतनी देर से सूचना देना स्वयं में संदेह पैदा करता है.
वहीं कंपनी के सुपरवाइजर ने दावा किया कि प्रेमचंद गोप कंपनी परिसर के बाहर नाले में डूबे हुए मिले थे. उन्हें तत्काल टाटा मेन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रबंधन की इस व्याख्या पर परिजन और जेएमएम नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं.
जेएमएम नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी में हुई दुर्घटना को बाहरी हादसे का रूप देकर प्रबंधन मामला दबाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मृतक के परिजन को उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जेएमएम कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और मृतक के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे. घटना को लेकर कंपनी प्रबंधन की कथित लापरवाही, सूचना में देरी और परिस्थितियों की अस्पष्टता के कारण मामला लगातार गरमाता जा रहा है. प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

