सरायकेला: आदित्यपुर नगर निगम में डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. संभावित उम्मीदवार अपने- अपने स्तर पर लॉबिंग में जुटे हैं, लेकिन अब तक किसी के पक्ष में स्पष्ट बहुमत बनता नजर नहीं आ रहा है. प्रमुख दावेदारों में अंकुर सिंह, अर्चना कुमारी, बिजेश उर्फ टोंडी सिंह, राजरानी महतो और अवधेश सिंह के नाम सामने आ रहे हैं.

वहीं वार्ड 28 की पार्षद एवं पूर्व मेयर विनोद कुमार श्रीवास्तव की पुत्रवधु अमृता श्रीवास्तव भी रेस में मानी जा रही हैं, हालांकि उन्होंने अब तक औपचारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं की है. चर्चा है कि पूर्व मेयर खेमे की ओर से पार्टी, यानी भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है.
उधर नगर निगम में दोबारा जीतकर आए दस पुराने पार्षदों की अलग गोलबंदी चल रही है. संख्या बल के लिहाज से नए पार्षदों की तादाद अधिक है और उनका समर्थन जिस उम्मीदवार को मिलेगा, उसकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. दावेदारों में राजरानी महतो को छोड़ अधिकांश पहली बार पार्षद बने हैं और डिप्टी मेयर की रेस में शामिल हैं.
सूत्रों के अनुसार चुनाव में धनबल और सामाजिक समीकरण दोनों की अहम भूमिका हो सकती है. हालांकि संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका को देखते हुए कोई भी प्रत्याशी खुलकर दांव लगाने से बच रहा है. कहीं समर्थन के लिए बांड भरवाने की चर्चा है तो कहीं मतदान के दिन समर्थन के बदले आश्वासन की रणनीति अपनाई जा रही है. यह भी खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन अपने समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में सक्रिय हैं.
वहीं पुराने पार्षद जल्दबाजी में फैसला लेने से बच रहे हैं. उनका मानना है कि जनता काम के आधार पर प्रतिनिधि चुनती है और यदि जन अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे तो अगली बार टिकट या जीत की कोई गारंटी नहीं है.
पूर्व के चुनावी अनुभव, जिसमें डिप्टी मेयर और मेयर खेमे का समर्थन करने वाले कई पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा, ने भी समीकरणों को सतर्क बना दिया है. फिलहाल होली के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है.

