सरायकेला: नाबार्ड के महाप्रबंधक सुब्रत कुमार नंदा जिले के विभिन्न प्रखंडो में चल रहे वित्त पोषित परियोजनाओं का निरीक्षण कर जरूरी दिशा- निर्देश दिया. इसी क्रम में रविवार को उन्होंने राजनगर प्रखंड में नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित बारूदरहा जलच्छाजन परियोजना का जायजा लिया. उन्होंने नाबार्ड जलच्छाजन परियोजना की गुणवत्ता और उससे हो रहे फायदे के लिए अपनी खुशी जाहिर करते हुए नाबार्ड के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होने जलच्छाजन परियोजना क्षेत्र में परंपरागत खेती के साथ परवल सहित अन्य उच्च मूल्य की सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया. नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सिद्दार्थ शंकर ने बताया, कि नाबार्ड द्वारा इस क्षेत्र के लिए कृषक उत्पादन संगठन अर्थात एफपीओ भी स्वीकृत किया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को अपने कृषि उत्पाद के साथ पशुपालन और मतस्य पालन के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त होगा. इन दोनों परियोजना कि कार्यकारिणी संस्था सहयोगी महिला के प्रतिनिधि भी इस अवसर पे उपस्थित थे. इसके बाद नाबार्ड के महाप्रबंधक नीमडीह में सबर और महली समुदाय के हैंडीक्राफ्ट कारीगरो के लिए नाबार्ड वित्त पोषित ओएफपीओ परियोजना का भी भ्रमण किया. ज्ञात हो इस परियोजना के अंतर्गत इन आर्टिजनो की क्राफ्ट ट्राइब प्रोडूसर कंपनी बनाई गई है. इन आर्टिजनों को उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग के अलावा मार्केटिंग के लिए भी देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध मेलो, प्रदर्शिनी में भेजा जा रहा है. जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड ने बताया कि इन कामगारों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की बिक्री आमेजन जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म से भी हो रहे हैं. नीमडीह के झिमरी और मुरु में चलाए जा रहे जलच्छाजन परियोजना का भी दौरा किया. महाप्रबंधक ने इस क्षेत्र में कृषक उत्पादन संगठन का निर्माण कर किसानों द्वारा उपजाए जा रहे सब्जीयों के बेहतर मूल्य प्राप्ति हेतु प्रयास करने का निर्देश दिया. परियोजना कि कार्यकारिनी संस्था टीआरसीएससी है. मौके पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सिद्धार्थ शंकर समेत परियोजना क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद थे.

