कांड्रा: मां दुर्गा की आराधना, आस्था, भक्ति और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक दुर्गा पूजा एवं रावण दहन महोत्सव कांड्रा में शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होने पर रावण दहन कमिटी के अध्यक्ष लालबाबू महतो ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की पूरी टीम के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है. उन्होंने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाली दोनों दुर्गा पूजा समितियों, विद्युत एवं पेयजल विभाग के कर्मियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों तथा समस्त कांड्रावासियों को भी धन्यवाद दिया.


अध्यक्ष लालबाबू महतो ने कहा कि दुर्गा पूजा और रावण दहन जैसे बड़े धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सामूहिक जिम्मेदारी का कार्य है. इसमें प्रशासनिक तत्परता, पुलिस की मुस्तैदी, आयोजन समितियों की सक्रियता और आम जनता का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कांड्रा में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ यह महोत्सव आपसी विश्वास, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण है.
उन्होंने विशेष रूप से जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और कांड्रा थाना प्रभारी सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रशासन के कुशल नेतृत्व और पुलिस बल की सतर्कता के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में मां दुर्गा के दर्शन करने तथा रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला. पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही.
सभी पूजा समितियों और विभागीय कर्मियों का जताया आभार
लालबाबू महतो ने कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन की सफलता के पीछे कई लोगों का समर्पण और मेहनत छिपी होती है. दोनों दुर्गा पूजा समितियों ने अपने-अपने स्तर पर पूजा एवं अन्य कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. वहीं, विद्युत विभाग के कर्मियों ने निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली व्यवस्था बनाए रखने में और पेयजल विभाग के कर्मियों ने आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग किया. स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सहायता करने में अहम भूमिका निभाई.
उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने आयोजन से जुड़ी खबरों को आम लोगों तक पहुंचाकर जनसंचार में महत्वपूर्ण योगदान दिया. वहीं, कांड्रावासियों ने अनुशासन, धैर्य और आपसी सहयोग का परिचय देते हुए पूरे उत्सव को सफल बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाई. सभी वर्गों के लोगों का सहयोग यह दर्शाता है कि जब समाज एकजुट होकर किसी कार्य को करता है, तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना भी सहजता से किया जा सकता है.
सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश देता है रावण दहन
अध्यक्ष ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और एकजुटता को मजबूत करने का अवसर भी है. वहीं, रावण दहन बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अहंकार पर सदाचार की विजय का संदेश देता है. ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है.
उन्होंने कांड्रा के सभी नागरिकों से भविष्य में भी इसी प्रकार आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे की भावना बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करे और सभी लोग मिलकर उत्सव का आनंद लें.
अंत में लालबाबू महतो ने कहा कि दुर्गा पूजा एवं रावण दहन महोत्सव की सफलता किसी एक व्यक्ति या समिति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे कांड्रा क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि है. उन्होंने आयोजन में कमिटी सदस्यों के साथ- साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति पुनः आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह सहयोग और समर्थन बनाए रखने की अपील की.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

