बोकारो: स्टील प्लांट में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन शनिवार को और तेज हो गया. आठवें दिन जारी भूख हड़ताल के बीच झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश बोकारो पहुंचे. सर्किट हाउस में जिला प्रशासन, बीएसएल प्रबंधन और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही. इसके बाद धरना स्थल पहुंचे वित्त मंत्री जमीन पर लेट गए और सांकेतिक विरोध जताया.



बीएसएल प्रबंधन पर बरसे वित्त मंत्री
राधाकृष्ण किशोर ने बीएसएल प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रबंधन अपने व्यावसायिक हितों की चिंता कर रहा है, लेकिन विस्थापितों के मानवीय पक्ष की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त विस्थापित युवाओं को नियोजन देने के साथ प्रेम महतो के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की.
वित्त मंत्री ने दावा किया कि विस्थापितों ने संयंत्र के लिए करीब 32 हजार एकड़ जमीन दी, लेकिन लगभग 18 हजार लोगों को ही नियोजन मिला. उन्होंने करीब 10 हजार विस्थापितों के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए.
प्रेम महतो मामले में तीन दिन में कार्रवाई की मांग
वित्त मंत्री ने प्रेम महतो की मौत को हत्या बताते हुए मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामला स्वीकार किए जाने का हवाला देते हुए तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग रखी.
इधर, आंदोलनकारियों ने नियोजन की मांग को लेकर बीएसएल के सभी गेटों को बंद कर रखा है. वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन आगे भी जारी रहने के संकेत हैं. वित्त मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों पर बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया था.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा

