सरायकेला: जिले के राजनगर प्रखंड में बलियासाई से बड़ाकादल तक करीब 8.8 किलोमीटर लंबी सड़क तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. वर्ष 2023 में ग्रामीण सड़क निर्माण योजना के तहत शिलान्यास के बाद ग्रामीणों को बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि गिट्टी और डस्ट बिछाने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया. अब यही अधूरी सड़क लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है.


सड़क से वाहन गुजरते ही धूल का गुबार उठने लगता है. इसका सबसे ज्यादा खामियाजा प्रतिदिन स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. एसएस हाई स्कूल और एकेडमिक स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों के मुताबिक धूल से बच्चों के कपड़े गंदे होने के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है.
ब्लॉक से दो किलोमीटर दूर बदहाल सड़क, फिर भी तीन साल से इंतजार
ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क राजनगर प्रखंड कार्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर है, तो तीन साल से अधूरा निर्माण जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से कैसे बचा रहा ? निर्माण क्यों रुका, काम पूरा करने की समय-सीमा क्या थी और विभाग ने संवेदक के कार्य की कितनी निगरानी की, इन सवालों का जवाब ग्रामीण चाहते हैं.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क का निर्माण अविलंब पूरा कराने की मांग की है. साथ ही निर्माण में हुई लंबी देरी के कारणों की जांच और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.
तीन साल पहले जिस सड़क से बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी थी, आज उसी सड़क की धूल ग्रामीणों को परेशान कर रही है. अब निगाह प्रशासन पर है कि 8.8 किलोमीटर की इस अधूरी सड़क का इंतजार आखिर कब खत्म होता है.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल

