सरायकेला: खेतों में पसीना बहाने वाली महिला किसान अब केवल कृषि कार्यों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और बेहतर संसाधनों के सहारे आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिखेंगी. अंतरराष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला कृषि कार्यालय परिसर में आयोजित प्रखंड स्तरीय किसान मेला-सह-महिला किसान दिवस में महिला किसानों को आधुनिक खेती, कृषि योजनाओं और स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 महिला कृषकों ने भाग लिया. इस दौरान किसान समृद्धि योजना के तहत दो प्रगतिशील महिला किसानों के बीच दो हॉर्स पावर क्षमता वाले चलंत सौर पंप सेट का वितरण किया गया.


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिला किसान खेतों में मेहनत करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी अहम योगदान देती हैं. उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई की बेहतर सुविधा और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि महिला किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी और आवश्यक संसाधन मिलने से खेती की लागत कम करने तथा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है. महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूकता और योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना आवश्यक है.
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि महिला किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं. उनकी मेहनत से कृषि व्यवस्था को गति मिलती है और परिवारों की आजीविका चलती है. महिलाओं को खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ सरकार की ओर से संचालित कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए उन्हें सही जानकारी, तकनीकी सहायता और सिंचाई जैसे जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है. सौर पंप सेट जैसी सुविधाएं महिला किसानों को सिंचाई में सहूलियत देने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मददगार साबित हो सकती हैं.
किसान मेला-सह-महिला किसान दिवस के दौरान महिला कृषकों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा झारखंड सरकार के कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई. किसानों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आधुनिक कृषि पद्धतियों और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों से अवगत कराया गया.
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं से जोड़ने और आधुनिक संसाधनों के उपयोग के प्रति प्रोत्साहित करना रहा.
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी अमित सुमन बेक, जिला सहकारिता पदाधिकारी विजय प्रताप तिर्की, पद्मश्री चामी मुर्मू, आत्मा के उप परियोजना निदेशक विजय कुमार सिंह, सरायकेला की प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अंतिमा कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित कृषि विभाग एवं आत्मा के कर्मी उपस्थित रहे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

