सरायकेला: नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपने हुनर को रोजगार का साधन बनाना ही आत्मनिर्भरता की असली पहचान है. इसी सोच को जमीन पर उतारने और ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी), सरायकेला में पूर्व प्रशिक्षार्थी मिलन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में प्रशिक्षण के बाद अपने दम पर व्यवसाय खड़ा करने वाले सफल प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया. वहीं, उनके संघर्ष, अनुभव और सफलता की कहानियों ने वर्तमान प्रशिक्षुओं में नया उत्साह भरते हुए उन्हें रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का संदेश दिया.


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड चंदना सुमन, एलडीएम वरुण कुमार चौधरी, डीपीएम पंकज कुमार, डीएम स्किल मदन नायडू एवं पीएनबी सरायकेला शाखा प्रबंधक अमन मासी केरकेट्टा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. समारोह में संस्थान के निदेशक उमा शंकर तांती सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, पूर्व प्रशिक्षार्थी एवं वर्तमान प्रशिक्षु उपस्थित रहे.
समारोह की शुरुआत ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं प्रशिक्षुओं के स्वागत गीत और मनमोहक नृत्य से हुई। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल बना दिया. इसके बाद संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू करने वाले पूर्व प्रशिक्षार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि पीएनबी आरसेटी में मिले प्रशिक्षण ने उन्हें हुनर निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया.
पूर्व प्रशिक्षार्थियों की सफलता की कहानियों ने यह संदेश दिया कि सही प्रशिक्षण, मेहनत, लगन और बेहतर योजना के सहारे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं.
समारोह के दौरान अतिथियों ने सफल पूर्व प्रशिक्षार्थियों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया. अतिथियों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज के अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को अपने व्यवसाय की गुणवत्ता बनाए रखने, ग्राहकों का विश्वास जीतने और समय के साथ अपने काम का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया.
डीडीएम नाबार्ड चंदना सुमन ने स्वरोजगार एवं उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं से उपलब्ध संसाधनों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कौशल को सही दिशा देकर और योजनाओं का समुचित उपयोग करके आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह मजबूत की जा सकती है. उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपने हुनर पर भरोसा रखने और व्यवसाय शुरू करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
एलडीएम वरुण कुमार चौधरी ने बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय साक्षरता और ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सफल उद्यमी बनने के लिए मेहनत के साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी है. व्यवसाय में आय-व्यय का सही हिसाब रखना, बैंकिंग दायित्वों का समय पर निर्वहन करना और ऋण का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना उद्यम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है.
डीपीएम पंकज कुमार ने प्रशिक्षुओं को समूह में काम करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं को पहचानने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने स्वरोजगार को आजीविका का मजबूत साधन बनाने तथा सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.
डीएम स्किल मदन नायडू ने कौशल विकास को सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए हुनर का व्यावहारिक उपयोग करना और समय के साथ नई तकनीक सीखते रहना जरूरी है. उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपने कौशल को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखने, बल्कि उसे व्यवसाय का रूप देने का आह्वान किया.
पीएनबी सरायकेला शाखा प्रबंधक अमन मासी केरकेट्टा ने बैंकिंग सेवाओं एवं वित्तीय सहायता की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने प्रशिक्षुओं को बचत की आदत विकसित करने, व्यवसाय शुरू करने से पहले उचित योजना बनाने और बैंक की विभिन्न सुविधाओं का जिम्मेदारीपूर्वक लाभ उठाने की सलाह दी.
वर्तमान में ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं प्रशिक्षुओं ने बताया कि संस्थान में उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य में अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन मिल रहा है. उन्होंने प्रशिक्षण को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए सीखे गए कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जाहिर की.
संस्थान के निदेशक उमा शंकर तांती ने सभी अतिथियों, पूर्व प्रशिक्षार्थियों एवं वर्तमान प्रशिक्षुओं के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पीएनबी आरसेटी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है. पूर्व प्रशिक्षार्थियों की सफलता संस्थान के लिए गौरव का विषय है और उनकी उपलब्धियां वर्तमान प्रशिक्षुओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के फैकल्टी शैलेन्द्र गोप ने किया. इस अवसर पर फैकल्टी श्री गोविंद कुमार, गेस्ट फैकल्टी श्रीमती मंजू कुमारी, ऑफिस असिस्टेंट श्री दिलीप आचार्य, श्री इंद्रजीत कैबर्त तथा अटेंडर श्रीमती द्रौपदी महतो उपस्थित रहे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

