चाईबासा: कुछ लोग दुनिया से विदा होकर इतिहास के पन्नों में सिमट जाते हैं, तो कुछ अपने संघर्ष और विचारों के कारण पीढ़ियों की स्मृतियों में जीवित रहते हैं. जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले शहीद देवेंद्र माझी भी ऐसे ही जननायक थे. बुधवार को उनकी 32वीं पुण्यतिथि पर गोईलकेरा हाट मैदान स्थित शक्ति स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.


सारंडा-पोड़ाहाट के सुदूर गांवों से पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने देवेंद्र माझी के प्रति तीन दशक बाद भी कायम जुड़ाव को दिखाया. राज्य के राजस्व, भूमि सुधार एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा, सिंहभूम सांसद एवं देवेंद्र माझी की पत्नी जोबा माझी, मझगांव विधायक निरल पुरती, चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, मनोहरपुर विधायक जगत माझी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया.

रूपी सोरेन के निधन के कारण नहीं हुई सभा
इस वर्ष शहादत दिवस का आयोजन सादगी से किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्व. रूपी सोरेन के निधन के कारण सभा आयोजित नहीं की गई. उपस्थित लोगों ने रूपी सोरेन की तस्वीर पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि देवेंद्र माझी जंगल आंदोलन के अमर नायक थे. उन्होंने आदिवासियों, गरीबों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा के लिए जीवन समर्पित किया. उनकी शहादत अन्याय के खिलाफ संघर्ष और उनके विचारों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है.
तीन दशक बाद भी कायम जननायक से रिश्ता
चक्रधरपुर, चाईबासा, जगन्नाथपुर, सोनुवा, मनोहरपुर, गुदड़ी, आनंदपुर, राजनगर, सरायकेला, आदित्यपुर, गम्हरिया, गुवा और किरीबुरू समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे. सांसद जोबा माझी ने स्थानीय हो भाषा में लोगों को संबोधित किया और इस वर्ष कार्यक्रम सादगी से आयोजित करने की वजह बताई.

इस दौरान सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने दूरदराज से आए ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं. कई ग्रामीण अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन लेकर पहुंचे थे, जिन पर आवश्यक पहल का भरोसा दिया गया.
वस्त्र, चावल और रुपये भेंट कर निभाया पुराना रिश्ता
कार्यक्रम का भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब देवेंद्र माझी के समर्थकों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार जोबा माझी को वस्त्र, चावल और रुपये भेंट किए. समर्थक हरीश बोदरा ने सामग्री प्राप्त की और भेंट देने वालों के नाम-पते दर्ज किए. यह परंपरा देवेंद्र माझी के परिवार और उनके समर्थकों के बीच दशकों से कायम सामाजिक एवं भावनात्मक रिश्ते की झलक बनी. जोबा माझी ने लोगों के स्नेह और सम्मान के प्रति आभार जताया.

कार्यक्रम में झामुमो पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, सरायकेला जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, कालीपद सोरेन, अकबर खान, गणेश बोदरा, जगदीश नारायण चौबे, विशू हेम्ब्रम, रामसिंह हेम्ब्रम, दीपक प्रधान, अभिषेक सिंकू, मोहम्मद तबारक, दिनेश गुप्ता, सुखमती बानरा, आसमान सुंडी, इंद्रकांत झा, जानकी हेम्ब्रम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
32 साल बाद भी गोईलकेरा के शक्ति स्थल पर उमड़ी भीड़ यह बताती रही कि देवेंद्र माझी की स्मृति केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं है. जल, जंगल और जमीन की लड़ाई से जुड़ी उनकी विरासत आज भी सारंडा-पोड़ाहाट के लोगों की स्मृतियों में जीवित है.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

