सरायकेला: झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा एवं प्रखंडवासियों के संयुक्त तत्वावधान में कुकड़ू प्रखंड कार्यालय के समक्ष छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया. आंदोलनकारियों ने प्रशासन को 14 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 27 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी.


मोर्चा के अध्यक्ष सुनील कुमार महतो ने कहा कि वर्ष 2009 में कुकड़ू प्रखंड का गठन हुआ था, लेकिन 16 वर्ष बाद भी क्षेत्र कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. प्रखंड कार्यालय में पर्याप्त पदाधिकारी एवं कर्मचारी नहीं होने के कारण प्रतिनियुक्ति के सहारे काम चलाने का आरोप भी लगाया गया.
*इन छह मांगों को लेकर आंदोलन*
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण, प्रखंड कार्यालय में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के पदों का सृजन, कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, तिरुलडीह थाना का स्थानांतरण अथवा नया थाना स्थापित करना, प्रखंड के विद्यालयों एवं झारखंड आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति तथा पुरुष सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति शामिल है.
मोर्चा का आरोप है कि धरने की पूर्व सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद शाम चार बजे तक कोई पदाधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा. बाद में चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का मांगपत्र लिया. राज्यपाल के नाम सौंपे गए मांगपत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों को भी भेजी गई है.
मोर्चा ने बताया कि 14 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है. अब संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है. मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 27 अक्टूबर से ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है.

