जामताड़ा: नवरात्रि के पावन अवसर पर बेटियों के जन्म को खुशियों, सम्मान और अपनत्व से जोड़ने की सराहनीय पहल करते हुए मारवाड़ी युवा मंच, जामताड़ा शाखा ने अपने नौ दिवसीय कन्या सम्मान कार्यक्रम का शुभारंभ आज सुबह सात बजे सदर अस्पताल से किया. कार्यक्रम के प्रथम दिन सदर अस्पताल, जामताड़ा में पिछले दिन जन्मी छह नवजात कन्याओं के माता-पिता को उपहार किट प्रदान कर सम्मानित किया गया. इस पहल के माध्यम से मंच ने संदेश दिया कि बेटी का जन्म किसी परिवार के लिए खुशियों का अवसर है और उसका स्वागत पूरे सम्मान के साथ किया जाना चाहिए. मंच के सदस्यों ने सदर अस्पताल पहुंचकर नवजात कन्याओं के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें उपहार किट भेंट कर बधाई दी. इस दौरान परिवारों के साथ खुशियां साझा करते हुए बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. नवरात्रि के दौरान शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल नवजात कन्याओं के परिवारों को उपहार देना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करना भी है.


बेटियों के जन्म को उत्सव बनाने का संदेश
कार्यक्रम संयोजक युवा राहुल संघी ने कहा कि बेटियां समाज की अनमोल धरोहर हैं. उनके जन्म पर भी उतनी ही खुशी और उत्साह होना चाहिए, जितना किसी अन्य संतान के जन्म पर होता है. उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए जरूरी है कि उनके जन्म से ही सम्मान और अपनत्व का भाव प्रदर्शित किया जाए. ऐसे छोटे-छोटे प्रयास लोगों की सोच बदलने और समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच का यह प्रयास बेटियों के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक छोटी, लेकिन सार्थक पहल है. मंच की ओर से लगातार नौ दिनों तक यह सेवा कार्य जारी रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक नवजात कन्याओं के परिवारों के साथ खुशियां साझा की जा सकें.
नौ दिनों तक जारी रहेगा सेवा अभियान
कार्यक्रम का संचालन संयोजक युवा कृष्णा डोकानिया एवं युवा राहुल संघी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. इस अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच, जामताड़ा शाखा के अध्यक्ष युवा जतिन परशुरामका, सचिव युवा अभिषेक डोकानिया, कोषाध्यक्ष युवा सूरज अग्रवाल सहित मंच के अन्य सदस्य उपस्थित रहे. सदस्यों ने कन्या सम्मान कार्यक्रम को सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ी पहल बताते हुए इसे निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. मारवाड़ी युवा मंच, जामताड़ा शाखा ने समाज के सभी लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की. मंच का मानना है कि बेटियों के प्रति सम्मान की भावना केवल नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहार में भी उतारना जरूरी है. नवजात कन्याओं के परिवारों को सम्मानित कर मंच ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की खुशियों, उम्मीदों और उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं.
मारवाड़ी युवा मंच, जामताड़ा शाखा की यह पहल सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना के साथ बेटियों के सम्मान का संदेश देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

