बोकारो: विस्थापितों के रोजगार और नियोजन की मांग को लेकर बोकारो में एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है. विस्थापित अप्रेंटिस संघ एवं विस्थापित संगठनों की ओर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की गई है. इस आंदोलन में बोकारो की विधायक श्वेता सिंह भी शामिल हुईं. वहीं, शहीद प्रेम महतो की मां गोमती देवी की मौजूदगी ने आंदोलन के मानवीय पहलू को सामने ला दिया है. विस्थापित परिवार लंबे समय से रोजगार और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.


विधायक श्वेता सिंह ने भूख हड़ताल में लिया हिस्सा
विस्थापितों की मांगों के समर्थन में बोकारो विधायक श्वेता सिंह का भूख हड़ताल में शामिल होना आंदोलन का महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. आंदोलनकारियों की मांग है कि विस्थापित परिवारों के नियोजन से जुड़े लंबित मामलों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए. उनका कहना है कि लंबे समय से रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि न्यायसंगत समाधान चाहिए.
शहीद प्रेम महतो के परिवार को नौकरी देने की मांग
इस आंदोलन में शहीद प्रेम महतो के परिवार को नौकरी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है. आंदोलन के दौरान सीआईएसएफ की लाठीचार्ज की घटना में प्रेम महतो की मौत होने की बात सामने आई है. आंदोलनकारियों की मांग है कि उनके परिवार के एक सदस्य को बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी दी जाए, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके.
प्रेम महतो की मां गोमती देवी की मौजूदगी इस मांग के दर्द को और गहराई से सामने लाती है. बेटे को खोने के बाद परिवार के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा का सवाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रेम महतो के परिवार को नौकरी देने के मामले में भी ठोस पहल होनी चाहिए.
1500 विस्थापितों के नियोजन का मुद्दा
विस्थापित अप्रेंटिस संघ की ओर से प्रशिक्षण पूरा कर चुके विस्थापित युवाओं के नियोजन की मांग उठाई जा रही है. संघ ने 1500 विस्थापितों के नियोजन का मुद्दा भी सामने रखा है. आंदोलनकारियों की मांग है कि बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान किया जाए.
विस्थापन का असर केवल जमीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवारों की आजीविका और बच्चों के भविष्य पर भी प्रभाव पड़ता है. रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे परिवार चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और नियोजन के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
प्रबंधन और प्रशासन से समाधान की उम्मीद
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच अब विस्थापित परिवारों की निगाहें बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन पर टिकी हैं. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापित युवाओं का नियोजन और शहीद प्रेम महतो के परिवार को नौकरी देना शामिल है.
विधायक श्वेता सिंह की भागीदारी और गोमती देवी की मौजूदगी ने आंदोलन में रोजगार के सवाल के साथ-साथ एक परिवार के भविष्य और सम्मान का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने रखा है. अब देखना होगा कि संबंधित प्रबंधन और प्रशासन इन मांगों पर कब तक ठोस निर्णय लेते हैं.
रोजगार की आस, नियोजन की मांग और शहीद प्रेम महतो के परिवार को नौकरी दिलाने का संकल्प—इन्हीं मुद्दों को लेकर बोकारो में विस्थापितों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा

