चांडिल/नीमडीह: पश्चिम बंगाल के मालती के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में नीमडीह प्रखंड के जुगीलोंग गांव के तीन युवकों की मौत के बाद शवों को गांव लाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर उत्पन्न विवाद में नया मोड़ आ गया है. झामुमो के नीमडीह प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया है कि तीनों मृतकों के शव विधायक सविता महतो द्वारा उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस से ही गांव पहुंचाए गए थे. उन्होंने विधायक की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया.


सचिन गोप ने कहा कि विधायक सविता महतो ने क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों की सुविधा के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई है. सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद उसी एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी, जिससे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों शवों को जुगीलोंग गांव लाया गया.
मनोरंजन सिंह ने बताया कैसे हुई एंबुलेंस की व्यवस्था
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जुगीलोंग निवासी मनोरंजन सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना की जानकारी उन्होंने स्वयं झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप को दी थी. साथ ही तीनों मृतकों के शव लाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया था.
मनोरंजन सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही सचिन गोप ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराई. इसके बाद वह एक चालक के साथ पश्चिम बंगाल के बलरामपुर थाना पहुंचे, जहां आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई.
इसके बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पुरुलिया सदर अस्पताल ले जाया गया. पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उसी एंबुलेंस से शवों को जुगीलोंग गांव पहुंचाया गया. मनोरंजन सिंह ने इस कठिन परिस्थिति में सहयोग और एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए विधायक सविता महतो का आभार व्यक्त किया.
मृतकों के पिता ने विधायक को दिया धन्यवाद
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शिवराम गोप के पिता गौर गोप और लुकेश गोप के पिता राजाराम गोप ने भी एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए विधायक सविता महतो के प्रति आभार जताया. परिजनों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में शवों को गांव लाने के लिए वाहन की व्यवस्था होने से उन्हें सहायता मिली.
ग्राम प्रधान मधुसूदन गोप ने लगाए थे दुर्व्यवहार के आरोप
उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुगीलोंग के ग्राम प्रधान सह झामुमो नेता मधुसूदन गोप ने सड़क हादसे में अपने तीन भतीजों स्वपन गोप, शिवराम गोप और लुकेश गोप की मौत के बाद शवों को लाने की प्रक्रिया में सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया था.
मधुसूदन गोप ने विधायक सविता महतो के आप्त सचिव सह झामुमो केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य राजीव महतो उर्फ काबलू महतो पर बलरामपुर से पुरुलिया सदर अस्पताल शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने में सहयोग करने के बजाय कथित रूप से दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया था.
अब झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सचिन गोप और मृतकों के परिजनों की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध कराए जाने की पुष्टि के बाद वाहन की व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों पर सवाल खड़े हुए हैं. हालांकि, एंबुलेंस उपलब्ध कराने और कथित दुर्व्यवहार के आरोप अलग-अलग विषय हैं. परिजनों के नए बयान से एंबुलेंस की व्यवस्था संबंधी स्थिति स्पष्ट होती है, लेकिन इससे दुर्व्यवहार के आरोप की सत्यता या असत्यता का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
आरोप-प्रत्यारोप के बीच पीड़ित परिवारों का दर्द सबसे अहम
तीन युवकों की असामयिक मौत से जुगीलोंग गांव के तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. ऐसे में शवों को लाने में किसने सहयोग किया और किस स्तर पर विवाद उत्पन्न हुआ, इसे लेकर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिन गोप ने दोहराया कि विधायक सविता महतो जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने के आरोप तथ्यहीन हैं. इस अवसर पर झामुमो नेता टिंकू राम महतो भी उपस्थित थे.

