जमशेदपुर: मतदाता अधिकार एवं निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर वामदलों की ओर से साकची में विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विभिन्न मांगें उठाई गईं.
प्रदर्शन में अंबुज ठाकुर ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया.


प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की. निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं.
प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर यानी Special Intensive Revision की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. उनका कहना था कि पुनरीक्षण के दौरान गलत तरीके से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल किए जाएं और उनका मतदान का अधिकार बहाल किया जाए.
प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई. निर्वाचन आयोग स्वयं को चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए एक स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण बताता है.
वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक का मत लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है. इसलिए मतदाता सूची से किसी भी योग्य नागरिक का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग रखी.
प्रदर्शन में सीपीआई (एम), सीपीआई, एसयूसीआई (सी) और सीपीआई (एमएल) समेत विभिन्न वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए. साकची में हाल के दिनों में एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अन्य राजनीतिक संगठनों की ओर से भी प्रदर्शन हुए हैं.
रिपोर्ट : शुभम मिश्रा

