जमशेदपुर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विरोध तेज कर दिया है. सोमवार को जमशेदपुर में जिला झामुमो के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया.


प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की. पार्टी नेताओं ने SIR की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें सामने आ रही जटिलताओं के कारण आम मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मतदाताओं की परेशानी का उठाया मुद्दा
झामुमो नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों तथा सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा SIR प्रक्रिया को लेकर कई तरह की समस्याएं और आशंकाएं सामने आ रही हैं, जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए. मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
पुतला दहन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. नेताओं ने कहा कि संवैधानिक संस्था के रूप में चुनाव आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है.
झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि SIR के मुद्दे को लेकर पार्टी का विरोध आगे भी जारी रहेगा और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को पार्टी विभिन्न मंचों पर उठाती रहेगी.
राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा था प्रदर्शन
झामुमो का यह विरोध केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहा. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने 28 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम निर्धारित किया था. इसी क्रम में जमशेदपुर में भी जिला झामुमो की ओर से प्रदर्शन किया गया.

