जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय जियोग्राफर्स कॉन्क्लेव “मंथन” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और साईं वंदना के साथ हुई. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आईक्यूएसी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रद्धा वर्मा उपस्थित रहीं. उन्होंने कहा कि भूगोल और पर्यावरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और तेजी से बढ़ते विकास कार्यों के बीच पारिस्थितिकी का संतुलन अत्यंत आवश्यक है.

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष मौसमी मुर्मू और सहायक प्रोफेसर इशरत परवीन ने “मंथन” के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने भूगोल अध्ययन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया. इस दौरान मियावाकी अवधारणा और मियावाकी पद्धति पर भी विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिसके माध्यम से कम समय में सघन वन विकसित किए जा सकते हैं.

दूसरे सत्र में छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं. विद्यार्थी हरीश और अमृता ने मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी, जबकि कामिनी के प्रदर्शन ने भी दर्शकों की सराहना प्राप्त की. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पौधारोपण अभियान रहा. एनएसएस विभागाध्यक्ष सहायक प्रोफेसर अभिनव कुमार के नेतृत्व में शिक्षकों और छात्रों ने परिसर में पौधे लगाए और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया.
“मंथन” कार्यक्रम ने अकादमिक चर्चाओं को सशक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी दिया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, विभागाध्यक्ष और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

