सरायकेला के राजनगर प्रखंड के ईचा खरकई बांध विरोधी संघ के संयोजक एवं कोल्हान के जानेमाने आंदोलनकारी दासकन कुदादा सात माह बाद बुधवार को जेल से छूट कर निकले. मंगलवार शाम को जेल से निकलने के बाद समर्थकों ने राजनगर सिदो कान्हू चौक पर दासकन को फूलमाला पहनाकर स्वागत किया. जेल से निकलने के बाद दासकन ने कहा कि मुझे साजिश के तहत जेल भेजने का काम किया गया. ताकि ईचा डैम के खिलाफ आंदोलन के धार को कुंद किया जा सके. ईचा डैम के खिलाफ जिस तरह ईचा बांध विरोधी संघ के बैनर तले आंदोलन को धार मिल रही थी. डूब क्षेत्र 126 गांवों में आंदोलन तेजी से फैल रहा था. इससे डैम निर्माण कंपनी दिलीप बिल्डकॉन एवं सरकार के लिए हम सबसे बड़ी मुसीबत बन गए थे. डैम से लेवी लेने वालों का खटिया खड़ा हो गया था. जिस वजह से कंपनी एवं सरकार के लोग मुझे झूठे केस में फंसाने के मौके तलाश रहे थे, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा. डैम के खिलाफ आंदोलन फिर से तेज होगा. किसी सूरत में ईचा डैम नहीं बनने दिया जाएगा.
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