मधुपुर/ Md Aslam

देवघर जिले में वर्ष 2025 बाल सुरक्षा और संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुआ है. जिला प्रशासन, पुलिस, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक और नागरिक समाज संगठन आश्रय के सहयोग से कुल 431 बच्चों को बाल विवाह और ट्रैफिकिंग से बचाया गया.
आंकड़ों के अनुसार, 308 बाल विवाह रोके गए, जबकि 123 बच्चों को ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराया गया. इनमें 28 लड़कियां और 95 लड़के शामिल हैं. इस उपलब्धि से स्पष्ट है कि मजबूत समन्वय, समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से बाल संरक्षण में सफलता हासिल की जा सकती है.
आश्रय की सचिव दीपा देवी ने कहा कि ट्रैफिकिंग से बच्चों को मुक्त कराना केवल पहला कदम है. असली चुनौती उनका पुनर्वास, स्कूलों में नामांकन और परिवारों को सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़ना है, ताकि गरीबी और बाल विवाह के चक्र को तोड़ा जा सके.
इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों की अहम भूमिका रही. जिले में धार्मिक नेताओं, सेवा प्रदाताओं और समुदाय को शामिल कर बाल विवाह रोकने का व्यापक संदेश दिया गया.
2025 में देवघर की यह सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरी है.

